सलवा-जुडूम

 बस्तर के आदिजनों का स्वः स्फूर्त सत्याग्रह

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 माओवादियों ने सलवा जुडूमके 10 सदस्यों का किया अपहरण

 

रायपुर, 24 जून। माओवादियों ने  छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे सलवा जुडूम आंदोलन के 10 कार्यकर्ताओं का अपहरण कर लिया है।  कार्यकर्ताओं का अपहरण आंध्र प्रदेश से लगी छत्तीसगढ़ की सीमा से किया गया है। 

 

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिन आदिवासी कार्यकर्ताओं का अपहरण किया गया है, उन्हें मुक्त कराने के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है। पुलिसकर्मियों  ने आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगल को घेर लिया है। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि शनिवार को माओवादियों ने आंध्र प्रदेश के चिंतूर क्षेत्र से लगी छत्तीसगढ़ की सीमा से 10 सलवा जुडूम कार्यकर्ताओं को बंधक बना लिया है। बंधक बनाए गए आदिवासी आंध्र प्रदेश में एक शादी में हिस्सा लेकर छत्तीसगढ़ लौट रहे थे। बंधक बनाए गए आदिवासियों में 4 महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बंधक बनाए गए सभी आदिवासी नक्सलवाद प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में स्थित मंगाईगुरा राहत शिविर से संबंधित हैं। बस्तर क्षेत्र के आईजी आर. के. विर्ज ने  आईएएनएस को बताया कि माओवादियों की तलाश करने के लिए पुलिस की एक दर्जन टीमें आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगल की ओर रवाना कर दी गयी है।

 

उम्मीद है कि पुलिस अपहरण  किए गए आदिवासियों का पता लगाने में कामयाब होगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस आदिवासियों की सकुशल रिहाई के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सम्पर्क में है। माओवादियों के डर से करीब 50 हजार आदिवासियों ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे 22 राहत शिविरों में शरण ली है। माओवादियों के विरोध में 2005 में आदिवासियों ने सलवा जुडूम नाम से आंदोलन चलाया था। राज्य सरकार के समर्थन से माओवादियों के खिलाफ यह आंदोलन आज भी जारी है। पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ में करीब 5 हजार माओवादी अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर सक्रिय हैं।(इंडो-एशियन न्यूज सर्विस)

 

संपर्कः लोकमान्य सद्भावना समिति, जैनबाड़ा, बैजनाथ पारा, रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत-492001

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