सलवा-जुडूम

 बस्तर के आदिजनों का स्वः स्फूर्त सत्याग्रह

मुख्यपृष्ठ

हिंदी संस्करण

अंगरेज़ी संस्करण

संपर्क

हमारे बारे में

 ।।बयान।।

 

सलवा जुडूम विरोधी नक्सलियों के समर्थक राजनाथ सिंह

 

रायपुर-दंतेवाड़ा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मंगलवार को यहां कहा कि सलवा जुडूम का विरोध करने वाले नक्सलियों का समर्थन कर रहे हैं। एर्राबोर हत्याकांड के बावजूद बस्तर के आदिवासियों में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई का हौसला और जज्बा मौजूद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी आदिवासियों की लाशों पर राजनीतिक करना छोड़कर केन्द्र से राज्य सरकार को मदद दिलाने में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

 

नक्सली कहर का शिकार बने एर्राबोर सलवा-जुडूम राहत शिविर के ग्रामीणों से मिलकर लौटे श्री सिंह ने प्रदेश भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा की। श्री सिंह ने कहा कि मैं अभी-अभी एर्राबोर के नक्सली पीड़ित परिवारों से मिलकर लौटा हूं। मैंने उनके अंदर नक्सलियों के प्रति जो गृणाभाव और लड़ाई का जज्बा देखा है उसे सैल्यूट करता हूं। श्री सिंह ने कहा कि इस समय देश की 17 फीसदी आबादी नक्सलियों से पीड़ित हैं। केन्द्र सरकार को चाहिए कि पीड़ित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाकर 'ज्वाइंट एक्शन प्लान' बनाए। सलवा जुडूम को स्वस्फूर्त जनआंदोलन बताते हुए श्री सिंह ने कहा कि राज्य सरकार जिस दृढ़ इच्छा शक्ति से उनके साथ खड़ी है वह तारीफ योग्य है। उन्होंने केन्द्र सरकार से नक्सलियां के खिलाफ इस लड़ाई मेंराज्य को भरपूर मदद देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार राज्य द्वारा मांगी गई सुरक्षाबलों की मांग शीघ्र पूरी करे ताकि लड़ाई में आदिवासियों और पुलिस बल का हाथ मजबूत हो सके।

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए भाजपा अध्यक्ष ने तर्क दिया कि जब मुंबई में बम ब्लास्ट हुए तो सोनिया रातोंरात और प्रधानमंत्री दूसरे ही दिन वहां पहुंच जाते हैं किन्तु एर्राबोर में 32 निरीह आदिवासी मारे जाते हैं तो वे यहां आने की जहमत नहीं उठाते हैं, यह केन्द्र के भेदभाव पूर्ण रवैए का ताजा उदाहरण है। श्री सिंह ने कहा कि नक्सलवाद ने यहां कांग्रेस शासनकाल में अपनी जड़ें जमाईं, तब की सरकार ने यदि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ इसे कुचला होता तो आज समस्या इतनी विकराल नहीं होती। उन्होंने कांग्रेस पर आंध्र में नक्सलियों के साथ सांठ-गांठ कर चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। श्री सिंह ने कहा कि भारत में माओवाद तीनों के तार आईएसआई से जुड़े हैं। एर्राबोर कांड के बाद राज्य में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री और सरकार से इस्तीफे की मांग को बेमानी बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेसी पहले ऐसा उदाहरण पेश करें फिर मांग रखें। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य विधान सभा में सोमवार को की गई राहत योजना की घोषणा को उन्होंने ऐतिहासिक बताया।

 

 

संपर्कः लोकमान्य सद्भावना समिति, जैनबाड़ा, बैजनाथ पारा, रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत-492001

Design by - Kalpana Informatics,Raipur, India

www.expressiongraphics.net